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13 राज्योंमें भारी बारिश का ओवरडोज, टूट गया है 11 साल का रिकॉर्ड!

राजस्थान मैं बारिश का ओवरडोज, इस बार राजस्थान में इतनी बारिश हुई है कि पिछले 11 सालों का रिकॉर्ड बस इसी साल ही टूट गया इसी से हम लोग या कल्पना कर सकते हैं कि पिछले दिनों राजस्थान में कितनी बारिश हो चुकी है आशंका यह भी बनी है कि राजस्थान में फिर से बारिश हो सकती है तकरीबन एक दशक में ऐसा पहली बार हुआ. Weather Update 15 state weather update today weather tomorrow bihar weather forecast october 2022 weather forecast tomorrow

जब प्रदेश के 18 बांधों में से लगभग 15 बांधों में पूरा पानी भर चुका है बस तीन बांधी ऐसे बच्चे हैं जिनमें कम पानी है लेकिन हाल फिलहाल में बारिश होने की संभावना बनी है सिर्फ 3 बांधों में फिलहाल पानी कम है अभी इधर सितंबर में मानसून के एक बार फिर एक्टिव होने की संभावना बन चुकी है नया वेदर बनाते ही बारिश का अगला दौर शुरू हो गया

13 राज्यों में  मानसून से आ रही है बड़ी खबर!

करो हम सभी लोगों को यह आप पता है कि इस बार राजस्थान में कितना बारिश दर्ज की गई है पिछले एक दशक का रिकॉर्ड ही टूट गया इतना बारिश हुई दरअसल राजस्थान में बीसलपुर ,माहि राना ,सागर और जवाई बांध समेत 18 बड़े बांध है बांधों में से 5 बांध तो पूरी तरह ही भर चुकी है इनसे ऊपर से पानी बह रही है.

तथा दस बांध ऐसी है जिनमें पानी भर चुका है और वह भी पूरा भरने मैं थोड़ा ही बाकी है तथा तीन बांध ऐसी है जिनमें पानी की मात्रा कम है हम लोग इसी से यह अंदाज लगा सकते हैं कि इस बार बहुत ही ज्यादा बारिश हुआ है.

जब इन बांधों के गेट खोल कर पानी भी छोड़ा गया है टोंक के हारो बीसलपुर और गलवा तीनों बांध छलक रहे हैं बूंदी का गुड्डा और प्रतापगढ़ में जाखम बांध भी अपने क्षमता तक पूरी भरी है यह बांधव में भी जल्द से जल्द पानी छोड़ा जाएगा क्योंकि इन बांधों में भी पूरा पानी भरा हुआ है

इन वजहों से भर गए सारे बांध!

राजस्थान के इन सभी बांधे कैसे भर गई क्या इसे रोका जा सकता है अगर आप इन सभी खबरों को जानने के लिए इच्छुक है तो आप लोग हमारे साथ इस आर्टिकल से बने रहे.

अगर आते हैं कि मॉनसून से जुड़ी सभी खबरों की जानकारी आप लोग जान सके तथा राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आप लोग चाहते हैं कि हम मानसून की सभी खबरों को जान सके तो आप लोग इस आर्टिकल से सभी खबरों का अनुभव ले सकते हैं.

दरअसल, इस बार तूफान किसी एक क्षेत्र में नहीं बल्कि पूरे राजस्थान में जोर-शोर से बरसा है। कभी-कभी पूर्वी राजस्थान में और कुछ मामलों में पश्चिमी राजस्थान में, बारिश ने लगातार बांधों को भरने का प्रयास किया। दक्षिणी राजस्थान भी सूखा नहीं था। जगह-जगह मूसलाधार बारिश के कारण लगभग एक साल से अधिकांश बांधों में पीने का पानी आ गया है।

एक दिन पहले ही खोला गया था गेट!

राजस्थान में भारी बारिश से बांधों पर काफी प्रभाव पड़ा है जिसके कारण सभी, वैसे कुछ बंधुओं को एक दिन पहले ही खोला गया था जिससे कि पानी को बाहर निकाला जा सके सूत्रों के मुताबिक यह भी खबर निकल कर आ रहा है कि यह मौका 19 साल में छठी बार आया है.

इस बार इतना पानी हुआ है कि पिछले एक दशक का रिकॉर्ड टूट गया पिछले एक दशक मैं ऐसी बारिश दर्ज नहीं की गई थी जैसा कि इस साल दर्ज की गई है इसी से हम लोग यह कल्पना लगा सकते हैं केसला राजस्थान में कितना बारिश हुआ है और आगे भी बारिश होने की आशंका बनी हुई है हालांकि मौसम विभाग ने सभी को चेतावनी दे रखी है.

बीसलपुर बांध के दो प्रवेश मार्ग एक दिन पहले ही खोल दिए गए 19 साल में छठी बार ऐसा खुला दरवाजा आया है। पहले कोटा बैराज, कालीसिंध और माही बांध के प्रवेश मार्ग खोलकर पानी पहुंचाया जाता था।

मौसम विभाग के अनुसार अगस्त के इन 4 दिनों में बारिश नहीं होगी। साथ ही सितंबर के पहले सात दिनों में भी संभावना कम है। इसके बाद बारिश का सिलसिला शुरू हो सकता है। हालांकि राजस्थान से तूफान का टेकऑफ 14 सितंबर से शुरू हो रहा है, लेकिन इस बार इसकी वापसी में कुछ देर हो सकती है।

देशभर में मॉनसून सिस्टम!

नमस्कार दोस्तों हम अपने इस आर्टिकल मैं आप सभी को स्वागत करते हैं हम अपने इस पेज में आपको यह बताएंगे कि देश भर में मौसम किस प्रकार रहने वाला है मौसम विज्ञान ने क्या चाहता बनी दी है और क्या सिस्टम नहीं लागू हुई है इसे जानने के लिए आप लोग हमारे साथ बने रहे.

निम्न दबाव का क्षेत्र दक्षिण-पूर्वी पाकिस्तान और दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के सीमावर्ती भागों पर बना हुआ है। संबंधित चक्रवाती पाठ्यक्रम समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक पहुंचता है।

चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र दक्षिण झारखंड पर जारी है और समुद्र तल से 4.5 तक के क्षेत्रों को जोड़ता है।

मॉनसून ट्रफ बंगाल की खाड़ी से होते हुए पूर्व-दक्षिण-पूर्व उत्तर-उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ रही है और दक्षिण-पश्चिम राजस्थान, पिलानी, बरेली, गोरखपुर, पटना, खड़गपुर, दीघा की सीमा से लगती है।

यह प्रवाह दक्षिण तमिलनाडु के ऊपर और समुद्र तल से लगभग 5.8 किमी ऊपर लोकेल को जोड़ता है।

अगले 24 घंटों में क्या होगी मौसम की गतिविधि

  • घर में अगले 24 घंटों में किस प्रकार की होने वाली है मौसम की गतिविधि क्या मौसम विभाग ने चेतावनी दी है लोगों को अलर्ट रहने का किया है ऐलान सभी लोगों को रहना होगा पिछले कुछ घंटों अपने घर में ही क्या यह पूरी खबर इस पूरी खबर को जाने के लिए नीचे ध्यानपूर्वक पढ़ें
  • अगले 24 घंटों के दौरान, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तमिलनाडु के कुछ हिस्सों, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल में हल्की से सीधी बारिश के साथ भारी बारिश हो सकती है
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम सहित पूर्वोत्तर भारत में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है यहां अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।
  • पूर्वोत्तर भारत के हिस्से, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, विदर्भ, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, रायलसीमा, आंध्र प्रदेश और लक्षद्वीप के हिस्से। मध्यम बारिश की संभावना है
  • पश्चिम मध्य प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र के शेष हिस्सों, जम्मू-कश्मीर, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद और लद्दाख में हल्की बारिश की संभावना है
  • पंजाब, हरियाणा और दक्षिण राजस्थान में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है

मानसून विभाग 

दोस्तों मौसम विभाग ने दिया है बड़ा अपडेट क्या खबर आप सभी देशवासियों के लिए जाना बहुत ही ज्यादा आवश्यक है अगर आप लोग इस खबर को जानते हैं तो आप लोग आने वाले तूफान से बच सकते हैं तो क्या आया खबर चाहिए पूरी मौसम विभाग ने क्या किया है बड़ा अपडेट क्या है इसकी पूरी सच्चाई इसे जानने के लिए आप लोग हमारे साथ बने रहे.

राजस्थान मैं लगातार हो रही बारिश के कारण पिछले 1 दशक का रिकॉर्ड चुका है सूत्रों के मुताबिक ही अभी खबर निकल कर आ रही है कि 66 साल बाद जुलाई के महीने में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई है.

जयपुर मौसम विभाग केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक इस साल जुलाई के महीने में राजस्थान में औसतन 270 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है तो हम लोग इसी आंकड़े से यह अनुमान लगा सकते हैं कि राजस्थान में इस बार कितना बारिश हो चुका है.

बाड़ी सप्तक के 161.4 मिलीलीटर के औसत से 60 फ़ीसदी जायदा है इसमें पहले साल 1956 में जुलाई के महीने में ऐसी बारिश दर्ज की गई थी 1956 के बाद फिर से एक बार जुलाई के महीने में ऐसी बारिश दर्ज की गई है मौसम विभाग ने यह भी चेतावनी दिया कि आगे लोगों को सावधान रहना होगा.

मौसम विभाग ने दी यह जानकारी!

मानसून विभाग ने दिया यह बड़ी जानकारी देश में कब तक हो सकती है भारी बारिश किन क्षेत्रों में कैसा रहेगा मौसम किस राज्य में होगी ज्यादा बारिश मौसम विभाग ने इसके ऊपर दिया बड़ी जानकारी इस खबर को जाने के लिए आप लोग इस आर्टिकल से जुड़े रहे.

राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम वर्षा की वर्षा जुलाई और अगस्त के लंबे हिस्सों में होती है साथ ही, हिंदू अनुसूची के अनुसार, सावन और भादों का लंबा खंड राज्य में रहता है। इस साल सावन अठारह जुलाई से शुरू होकर बारह अगस्त तक चलेगा।

लगभग आधा रह गया है। राज्य में जुलाई के लंबे खंड के लिए सामान्य वर्षा की चर्चा करते हुए, राज्य में मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार यह वर्ष 1956 में 308.7 मिमी, 1908 में 288 मिमी, 1943 में 281.6 मिमी, 2022 में 270 मिमी, 2015 में 262.3 मिमी थी , 2017 में 252.3 मिमी। कर रहे हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में वर्ष 2002 में सबसे कम वर्षा हुई थी, जो 7.2 मिमी दर्ज की गई थी उस वर्ष पूरे तूफान के मौसम के दौरान, राज्य में केवल 175.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो किसी भी बिंदु पर सबसे कम दर्ज की गई।

राज्य के पश्चिमी क्षेत्रों में जुलाई की अवधि में सबसे अधिक वर्षा हुई है। इसमें भी गंगानगर इलाके में 252.3 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य (75.3 मिली) से 235% अधिक है।

खाली रहने की वजह!

दोस्तों क्या है खाली रहने की वजह आखिरकार सरकार ने क्यों किया है खाली इसे अगर आप इसे जानने के लिए इच्छुक हैं तो आप सभी लोग हमारे साथ जुड़े रहे और देश दुनिया की तमाम खबरों को जाने.

इस क्षेत्र में सामान्य से इतनी लंबी 62% वर्षा हुई है। कई छोटे और बड़े बांधों और झीलों के अधूरे होने के बावजूद, इसका मुख्य कारण धीमी बारिश माना जाता है, इस बार पूरे समय बारिश नहीं हुई, जिसके कारण बांध में पानी नहीं आया।

अन्य स्पष्टीकरण बांधों और झीलों में पानी के आंतरिक प्रवाह का उल्लंघन है। कई लोगों ने पानी आने की पहली सड़कों पर प्रदर्शन कर लिया है। नाले और अवक्षय जुड़े हुए हैं, जिससे बांध या झील तक पानी भी नहीं पहुंच पाता है।

बढ़ती बारिश के कारण लोगों की परेशानी बढ़ी!

देशभर में हो रही लगातार बारिश के कारण लोगों की समस्याएं बढ़ती जा रही है लोगों के रहने वाले गांव क्षेत्र में पानी लगातार बढ़ते जा रहा है कई गांव शहर में तो बाढ़ आ गई है इसे ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी समस्या आ गई है.

क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की समस्याएं इतनी बढ़ गई है कि वह अपना घर बार छोड़कर एक जगह से दूसरी जगह चले गए हैं ऐसे में प्रशासन की ओर से लोगों तक मदद मिल रही है लोगों ने यह बताया है कि पिछले 2 दिनों से हुई बारिश के कारण बारिश पड़ चुकी है और इस क्षेत्र में बांटा गया है.

लोगों को परेशानी इसलिए बढ़ रही है क्योंकि सभी लोगों के घर में रहने के लिए जगह नहीं है सभी लोगों के पास रहने के लिए पक्का का मकान नहीं है जिन लोगों के पास पक्का का मकान है वह लोग तो रह लेंगे लेकिन जिन लोगों के पास पक्का का मकान नहीं है उन्हें बहुत परेशानियां का सामना करना पड़ रहा है.

किसानों को हुआ बड़ा नुकसान!

बढ़ती बारिश थापा के कारण इस बार किसानों का काफी नुकसान हो चुका है जो भी किसान भाई लोग खेती करते हैं इस बार उनकी फसल बर्बाद हो चुकी है क्योंकि जिन क्षेत्रों में बाढ़ आया है उनसे किसानों का फसल पूर्णता बर्बाद हो चुका है.

जिसे इस बार किसानों को काफी नुकसान हो गया है हालांकि सरकार को इसमें कुछ बड़ा कदम उठाना चाहिए ताकि जो भी किसान कर्ज लेकर अपना खेती बारी करते हैं और ऐसी स्थिति में जब उनकी फसल बर्बाद हो जाती है तो वह कर्ज में डूब जाते हैं.

क्योंकि यह एक प्राकृतिक आता है तो इसमें सरकार को किसानों को कुछ मुनाफा देना चाहिए ताकि उनके फसलों का बर्बाद होने के बाद ही उन्हें कुछ मिल सके.

सबसे बड़ी परेशानी है यह?

जिन क्षेत्रों में बाढ़ तथा भारी बारिश के कारण बाढ़ आ जाती है इन क्षेत्रों में ज्यादातर दिक्कत हम इंसानों को नहीं होता है इन प्राकृतिक आपदा से ज्यादातर दिक्कत बेजुबान जानवरों को होता है जिनके कारण उन्हें कई दिनों तक भूखा रहना पड़ता है.

अगर कोई ऐसी स्थिति आती है तो हमें सबसे पहले अपने बेजुबान जानवरों को आजाद कर देना चाहिए ताकि वह अपनी जान बचा सके उन बेजुबान जानवरों को खाना भी देना चाहिए क्योंकि उनके पास इतनी समझ तो होती नहीं है इसलिए अगर बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र मैं कोई जानवर फंस जाता था उनकी सहायता करें. weather update today, weather update today, weather update today, weather update today, weather update today, weather update today, weather tomorrow bihar, weather tomorrow bihar, weather tomorrow bihar, weather tomorrow bihar, weather tomorrow bihar, weather tomorrow bihar, weather tomorrow bihar, weather tomorrow bihar, weather tomorrow bihar, weather forecast october 2022, weather forecast october 2022, weather forecast october 2022, weather forecast october 2022, weather forecast october 2022, weather forecast october 2022

सारांश!

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ध्यान दें :- ऐसे ही केंद्र सरकार और राज्य सरकार के द्वारा शुरू की गई नई या पुरानी सरकारी योजनाओं की जानकारी हम सबसे पहले अपने इस वेबसाइट liveyojana.com के माध्यम से देते हैं तो आप हमारे वेबसाइट को फॉलो करना ना भूलें ।

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इस आर्टिकल को अंत तक पढ़ने के लिए धन्यवाद…!!

Posted By-Govinda Rauniyar

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FAQ About Weather Update:

✔️What are some good questions to ask about weather?

How hard is it to predict the weather? …
How does the wind start? …
Why does the weather not just stay the same? …
Why does the temperature drop when the sun rises in the morning? …
How do hurricanes happen? …
How much trouble can a Category 5 hurricane cause?

✔️What is the purpose of weather update?

Weather warnings are important forecasts because they are used to protect life and property. Forecasts based on temperature and precipitation are important to agriculture, and therefore to traders within commodity markets. Temperature forecasts are used by utility companies to estimate demand over coming days

✔️How do you know if weather is accurate?

The Short Answer: A seven-day forecast can accurately predict the weather about 80 percent of the time and a five-day forecast can accurately predict the weather approximately 90 percent of the time. However, a 10-day—or longer—forecast is only right about half the time.

✔️How often do weather models change?

Computer models are based typically on one-hour increments: one hour into the future, two hours into the future, three hours into the future — each based on the one before it. Each model can introduce new errors and compound errors in the previous model.

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